प्रदर्शन
PIP (प्रदर्शन सुधार योजना)
PIP अपेक्षा से कम प्रदर्शन वाले कर्मचारी के लिए तय लक्ष्यों और सहयोग वाली औपचारिक, समय-बद्ध योजना है, जिसके अंत में स्पष्ट नतीजा होता है।
इसमें कमियाँ, मापने योग्य लक्ष्य, दिया गया सहयोग, समीक्षा तारीखें और लक्ष्य पूरे न होने पर क्या होगा, लिखा होता है। आम अवधि साप्ताहिक चेक-इन के साथ 30 से 90 दिन है।
ठीक से दर्ज होने पर यह दोनों पक्षों की रक्षा करता है।
भारतीय पेरोल में
दर्ज प्रक्रिया के बिना बर्खास्तगी वहीं से श्रम विवाद शुरू करती है। समीक्षाओं के साथ PIP रिकॉर्ड ही सबूत है।
PIP (प्रदर्शन सुधार योजना) क्या है?
PIP अपेक्षा से कम प्रदर्शन वाले कर्मचारी के लिए तय लक्ष्यों और सहयोग वाली औपचारिक, समय-बद्ध योजना है, जिसके अंत में स्पष्ट नतीजा होता है।
भारतीय पेरोल में PIP (प्रदर्शन सुधार योजना) क्यों मायने रखता है?
दर्ज प्रक्रिया के बिना बर्खास्तगी वहीं से श्रम विवाद शुरू करती है। समीक्षाओं के साथ PIP रिकॉर्ड ही सबूत है।
In Kuzhu
Kuzhu का Performance Management मॉड्यूल वह जगह है जहाँ PIP (प्रदर्शन सुधार योजना) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।