Skip to content
KuzhuHRMS Software

भर्ती और ऑनबोर्डिंग

प्रोबेशन (परिवीक्षा)

प्रोबेशन रोज़गार की शुरुआती अवधि है, आम तौर पर तीन से छह महीने, जिसमें कर्मचारी की पुष्टि से पहले प्रदर्शन का आकलन होता है।

प्रोबेशन के दौरान शर्तें (नोटिस अवधि, छुट्टी अर्जन, लाभ) अलग हो सकती हैं। अंत में समीक्षा से पुष्टि, विस्तार या अलगाव होता है, और कन्फ़र्मेशन लेटर नतीजा दर्ज करता है।

बिना पत्र के चुपचाप खत्म हुआ प्रोबेशन कई विवादों में मानी गई पुष्टि माना जाता है।

भारतीय पेरोल में

प्रोबेशन खत्म होने से पहले रिमाइंडर रखें और उसी सिस्टम से कन्फ़र्मेशन लेटर जारी करें। विस्तार लिखित और समय-बद्ध होने चाहिए।

प्रोबेशन (परिवीक्षा) क्या है?

प्रोबेशन रोज़गार की शुरुआती अवधि है, आम तौर पर तीन से छह महीने, जिसमें कर्मचारी की पुष्टि से पहले प्रदर्शन का आकलन होता है।

भारतीय पेरोल में प्रोबेशन (परिवीक्षा) क्यों मायने रखता है?

प्रोबेशन खत्म होने से पहले रिमाइंडर रखें और उसी सिस्टम से कन्फ़र्मेशन लेटर जारी करें। विस्तार लिखित और समय-बद्ध होने चाहिए।

In Kuzhu

Kuzhu का Employees & Org Structure मॉड्यूल वह जगह है जहाँ प्रोबेशन (परिवीक्षा) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।