भर्ती और ऑनबोर्डिंग
ऑनबोर्डिंग
ऑनबोर्डिंग ऑफर स्वीकृति से उत्पादक पहले महीने तक की प्रक्रिया है: दस्तावेज़, कानूनी पंजीकरण, एसेट, एक्सेस और परिचय।
एक चेकलिस्ट जो पहले दिन से पहले शुरू होती है: PAN, आधार, UAN, बैंक विवरण और फ़ोटो लेना; नियुक्ति पत्र बनाना; बायोमेट्रिक डिवाइस पर एनरोल करना; लैपटॉप देना; लॉगिन बनाना; बडी तय करना; इंडक्शन शेड्यूल करना।
हर आइटम का मालिक और देय तारीख है, और नया जॉइनर प्रगति देख सकता है।
भारतीय पेरोल में
कानूनी आइटम (UAN लिंकिंग, 10 दिन में ESI पंजीकरण, PT नामांकन) की समय-सीमाएँ हैं। ऑफर चरण से शुरू होने वाली ऑनबोर्डिंग का मतलब है पहला पेरोल सही होना।
ऑनबोर्डिंग क्या है?
ऑनबोर्डिंग ऑफर स्वीकृति से उत्पादक पहले महीने तक की प्रक्रिया है: दस्तावेज़, कानूनी पंजीकरण, एसेट, एक्सेस और परिचय।
भारतीय पेरोल में ऑनबोर्डिंग क्यों मायने रखता है?
कानूनी आइटम (UAN लिंकिंग, 10 दिन में ESI पंजीकरण, PT नामांकन) की समय-सीमाएँ हैं। ऑफर चरण से शुरू होने वाली ऑनबोर्डिंग का मतलब है पहला पेरोल सही होना।
In Kuzhu
Kuzhu का Recruitment (ATS) मॉड्यूल वह जगह है जहाँ ऑनबोर्डिंग संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।