HR संचालन
कॉस्ट सेंटर (लागत केंद्र)
कॉस्ट सेंटर वह इकाई (विभाग, प्रोजेक्ट, लोकेशन) है जिस पर कर्मचारी लागत आवंटित होती है, ताकि पेरोल लागत उसी तरह रिपोर्ट हो जैसे फाइनेंस बजट बनाता है।
हर कर्मचारी एक या अधिक कॉस्ट सेंटर से मैप होता है, कभी-कभी प्रतिशत के साथ। पेरोल जर्नल वेतन, अंशदान और रीइम्बर्समेंट कॉस्ट सेंटर के हिसाब से अकाउंटिंग सिस्टम में पोस्ट करते हैं।
महीने के बीच कर्मचारी का कॉस्ट सेंटर बदलने से लागत उसी अनुपात में बँटती है।
भारतीय पेरोल में
जो पेरोल जर्नल Tally या ERP बिना दोबारा टाइप किए पोस्ट कर सके, वह कॉस्ट-सेंटर-वार जर्नल है। यही HR डेक और फाइनेंस डेक को सहमत कराता है।
कॉस्ट सेंटर (लागत केंद्र) क्या है?
कॉस्ट सेंटर वह इकाई (विभाग, प्रोजेक्ट, लोकेशन) है जिस पर कर्मचारी लागत आवंटित होती है, ताकि पेरोल लागत उसी तरह रिपोर्ट हो जैसे फाइनेंस बजट बनाता है।
भारतीय पेरोल में कॉस्ट सेंटर (लागत केंद्र) क्यों मायने रखता है?
जो पेरोल जर्नल Tally या ERP बिना दोबारा टाइप किए पोस्ट कर सके, वह कॉस्ट-सेंटर-वार जर्नल है। यही HR डेक और फाइनेंस डेक को सहमत कराता है।
संबंधित शब्द
In Kuzhu
Kuzhu का Invoicing & Finance मॉड्यूल वह जगह है जहाँ कॉस्ट सेंटर (लागत केंद्र) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।