कानूनी अनुपालन
अंशदान अवधि (ESI)
अंशदान अवधि ESI की दो छह-महीने की अवधियों में से एक है, अप्रैल से सितंबर और अक्टूबर से मार्च, जिनके दौरान एक बार तय हुई कवरेज वेतन बदलने पर भी जारी रहती है।
ESI पात्रता हर अवधि की शुरुआत में जाँची जाती है। जून में जिसका वेतन ₹21,000 से ऊपर हो जाए, वह 30 सितंबर तक कवर रहता है और अंशदान जारी रहता है।
हर अवधि के छह महीने बाद उससे जुड़ी लाभ अवधि होती है जिसमें कर्मचारी क्लेम कर सकता है।
भारतीय पेरोल में
पेरोल को हर महीने दोबारा परखने के बजाय अवधि के लिए कवरेज का फैसला याद रखना चाहिए। इंक्रीमेंट के अगले महीने ESI हटा देना आम और महँगी गलती है।
अंशदान अवधि (ESI) क्या है?
अंशदान अवधि ESI की दो छह-महीने की अवधियों में से एक है, अप्रैल से सितंबर और अक्टूबर से मार्च, जिनके दौरान एक बार तय हुई कवरेज वेतन बदलने पर भी जारी रहती है।
भारतीय पेरोल में अंशदान अवधि (ESI) क्यों मायने रखता है?
पेरोल को हर महीने दोबारा परखने के बजाय अवधि के लिए कवरेज का फैसला याद रखना चाहिए। इंक्रीमेंट के अगले महीने ESI हटा देना आम और महँगी गलती है।
संबंधित शब्द
In Kuzhu
Kuzhu का Payroll मॉड्यूल वह जगह है जहाँ अंशदान अवधि (ESI) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।