पेरोल
इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि)
इंक्रीमेंट वेतन का संशोधन है, आम तौर पर सालाना, जो CTC या बेसिक के प्रतिशत में बताया जाता है और एक तय तारीख से लागू होता है।
इंक्रीमेंट अप्रेज़ल साइकिल के बाद आता है और प्रभावी तारीख के साथ नए सैलरी रिवीज़न के रूप में दर्ज होता है। अगर प्रभावी तारीख के बाद प्रोसेस हो, तो अंतर एरियर के रूप में दिया जाता है।
इंक्रीमेंट लेटर में नया CTC और स्ट्रक्चर लिखा होता है और यह कर्मचारी रिकॉर्ड में रखा जाता है।
भारतीय पेरोल में
ज़्यादातर कंपनियाँ अप्रैल या जुलाई में संशोधन करती हैं। पेरोल को मौजूदा स्ट्रक्चर बदलने के बजाय रिवीज़न को उसकी प्रभावी तारीख के साथ रखना चाहिए ताकि इतिहास और एरियर सही रहें।
इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) क्या है?
इंक्रीमेंट वेतन का संशोधन है, आम तौर पर सालाना, जो CTC या बेसिक के प्रतिशत में बताया जाता है और एक तय तारीख से लागू होता है।
भारतीय पेरोल में इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) क्यों मायने रखता है?
ज़्यादातर कंपनियाँ अप्रैल या जुलाई में संशोधन करती हैं। पेरोल को मौजूदा स्ट्रक्चर बदलने के बजाय रिवीज़न को उसकी प्रभावी तारीख के साथ रखना चाहिए ताकि इतिहास और एरियर सही रहें।
In Kuzhu
Kuzhu का Performance Management मॉड्यूल वह जगह है जहाँ इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।