कानूनी अनुपालन
न्यूनतम मज़दूरी
न्यूनतम मज़दूरी वह सबसे कम दैनिक या मासिक वेतन है जो नियोक्ता दे सकता है, जिसे हर राज्य काम और कौशल की श्रेणियों के लिए तय करता है और साल में दो बार महँगाई घटक के साथ संशोधित करता है।
दरें राज्य, ज़ोन, उद्योग और कौशल स्तर (अकुशल, अर्धकुशल, कुशल, अति कुशल) के हिसाब से अलग हैं। ज़्यादातर राज्य एक बेसिक दर और अप्रैल व अक्टूबर में संशोधित परिवर्तनीय DA प्रकाशित करते हैं।
वेज कोड एक राष्ट्रीय फ़्लोर वेज लाता है जिससे नीचे कोई राज्य न्यूनतम तय नहीं कर सकता।
भारतीय पेरोल में
कॉन्ट्रैक्ट और शॉप-फ़्लोर स्ट्रक्चर हर संशोधन पर मौजूदा अधिसूचना से जाँचने चाहिए। न्यूनतम मज़दूरी देना लेकिन बेसिक उससे नीचे रखकर भत्तों से पूरा करना आम निरीक्षण आपत्ति है।
न्यूनतम मज़दूरी क्या है?
न्यूनतम मज़दूरी वह सबसे कम दैनिक या मासिक वेतन है जो नियोक्ता दे सकता है, जिसे हर राज्य काम और कौशल की श्रेणियों के लिए तय करता है और साल में दो बार महँगाई घटक के साथ संशोधित करता है।
भारतीय पेरोल में न्यूनतम मज़दूरी क्यों मायने रखता है?
कॉन्ट्रैक्ट और शॉप-फ़्लोर स्ट्रक्चर हर संशोधन पर मौजूदा अधिसूचना से जाँचने चाहिए। न्यूनतम मज़दूरी देना लेकिन बेसिक उससे नीचे रखकर भत्तों से पूरा करना आम निरीक्षण आपत्ति है।
In Kuzhu
Kuzhu का Payroll मॉड्यूल वह जगह है जहाँ न्यूनतम मज़दूरी संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।