कानूनी अनुपालन
LWF (लेबर वेलफेयर फंड)
लेबर वेलफेयर फंड कर्मचारी और नियोक्ता का छोटा राज्य-स्तरीय अंशदान है, जो साल में एक या दो बार कटता है और श्रमिक कल्याण योजनाओं में जाता है।
राशियाँ छोटी हैं (कर्मचारी से ₹6 से ₹50, नियोक्ता से उसका गुणक) और तय महीनों में कटती हैं: महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में जून और दिसंबर; कर्नाटक और तमिलनाडु में सालाना।
हर राज्य में फंड नहीं है, और लागू होना पद और वेतन पर निर्भर हो सकता है।
भारतीय पेरोल में
साल में दो बार आने की वजह से LWF सबसे ज़्यादा भूली जाने वाली कटौती है। कंप्लायंस कैलेंडर और राज्य व महीने से जुड़ा पेरोल नियम इसे बिना याद रखे संभाल लेते हैं।
LWF (लेबर वेलफेयर फंड) क्या है?
लेबर वेलफेयर फंड कर्मचारी और नियोक्ता का छोटा राज्य-स्तरीय अंशदान है, जो साल में एक या दो बार कटता है और श्रमिक कल्याण योजनाओं में जाता है।
भारतीय पेरोल में LWF (लेबर वेलफेयर फंड) क्यों मायने रखता है?
साल में दो बार आने की वजह से LWF सबसे ज़्यादा भूली जाने वाली कटौती है। कंप्लायंस कैलेंडर और राज्य व महीने से जुड़ा पेरोल नियम इसे बिना याद रखे संभाल लेते हैं।
संबंधित शब्द
In Kuzhu
Kuzhu का Payroll मॉड्यूल वह जगह है जहाँ LWF (लेबर वेलफेयर फंड) संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।