अटेंडेंस और छुट्टी
जियो-फेंसिंग
जियो-फेंसिंग मोबाइल पंच-इन को किसी लोकेशन के तय दायरे तक सीमित करती है, ताकि फ़ील्ड और साइट स्टाफ वहीं होने पर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें।
ऐप पंच के साथ GPS स्थिति दर्ज करता है और उसे कर्मचारी की तय साइट के दायरे में ही स्वीकार करता है। कुछ सेटअप में सेल्फी भी ज़रूरी होती है।
दायरे साइट, प्रोजेक्ट या क्लाइंट लोकेशन के हिसाब से हो सकते हैं।
भारतीय पेरोल में
सेल्स टीमें, डिलीवरी स्टाफ और निर्माण साइटें डिवाइस के बजाय इसका इस्तेमाल करती हैं। बैटरी-बचत मोड और लोकेशन बदलने वाले ऐप दो चीज़ें हैं जिनका नीति को पहले से ध्यान रखना चाहिए।
जियो-फेंसिंग क्या है?
जियो-फेंसिंग मोबाइल पंच-इन को किसी लोकेशन के तय दायरे तक सीमित करती है, ताकि फ़ील्ड और साइट स्टाफ वहीं होने पर ही उपस्थिति दर्ज कर सकें।
भारतीय पेरोल में जियो-फेंसिंग क्यों मायने रखता है?
सेल्स टीमें, डिलीवरी स्टाफ और निर्माण साइटें डिवाइस के बजाय इसका इस्तेमाल करती हैं। बैटरी-बचत मोड और लोकेशन बदलने वाले ऐप दो चीज़ें हैं जिनका नीति को पहले से ध्यान रखना चाहिए।
In Kuzhu
Kuzhu का Mobile App मॉड्यूल वह जगह है जहाँ जियो-फेंसिंग संभाला जाता है, उसी कर्मचारी रिकॉर्ड पर जिस पर बाकी सब कुछ।